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प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहतआदर्श ग्राम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित l

*प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित*

*गया जिले के 735 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा : जिला पदाधिकारी*

*प्रत्येक चयनित गांव के विकास के लिए ₹20 लाख का विशेष फंड, 18 जुलाई तक सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश*

गया, 16 जुलाई 2026: जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि गया जिला अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की प्राथमिकता वाले जिलों में शामिल है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन क्षेत्रों के लोगों तक निरंतर पहुँचाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार भी अनुसूचित जाति बहुल गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के माध्यम से विशेष पहल कर रही है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत गया जिले के सभी 24 प्रखंडों के कुल 735 अनुसूचित जाति बहुल गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार की जाए।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक चयनित गांव के लिए ₹20 लाख की विशेष राशि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग गांव की वास्तविक आवश्यकताओं एवं स्थानीय लोगों से प्राप्त सुझावों के आधार पर ऐसे विकास कार्यों में किया जाएगा, जिनसे पूरे गांव को स्थायी एवं व्यापक लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग सर्वेक्षण दल गठित किए जा रहे हैं। इन दलों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी शामिल रहेंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका, जन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य विभागों के अधिकारी गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे, पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगे तथा उनकी आवश्यकताओं एवं सुझावों का संकलन करेंगे।

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों का सर्वेक्षण कार्य हर हाल में 18 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सर्वेक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर सटीक जानकारी एकत्रित की जाए ताकि विकास योजनाएं वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जा सकें।

*उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण पूर्ण होने के तुरंत बाद प्राप्त सुझावों एवं आवश्यकताओं का विश्लेषण कर विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा। योजना चयन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिकता उन परियोजनाओं को मिले, जिनसे पूरे गांव को अधिकतम लाभ प्राप्त हो तथा गांव के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिले।*

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य संपादित करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके।

त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार

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